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प्रबंध निदेशक का संदेश

Directore

  • सभी कर्मचारियों, सहकर्मियों, निगम परिवार और हितधारकों को नव वर्ष 2022 की शुभकामनाएं। हमारा निगम 2500 करोड़ रुपये का टर्नओवर प्राप्‍त करने, नवरत्न सीपीएसई का दर्जा हासिल करने और कंपनी के रूप में परिवर्तित होने के बेहद करीब है। हम धीरे-धीरे खाद्यान्नों के वेअरहाउसिंग सर्विस प्रोवाइडर (डब्ल्यूएसपी) की टैगलाइन को छोड़कर कृषि और अन्य अधिसूचित वस्तुओं, ई-कॉमर्स, घरेलू एवंआयात- निर्यात, व्यापार और उद्योग, सामान्य और समर्पित (डेडिकेटेड) वेअरहाउसिंग तथा कवर्ड और ओपन स्‍टोरेज से आय प्राप्‍त करने के अनेक स्थायी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं यानि सभी संसाधनों को एक ही क्षेत्र में लगाने का प्रयास हम नहीं कर रहे हैं।
  • हमने भारत सरकार के "नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइंस एंड एसेट मोनेटाइजेशन" शुरू करने से बहुत पहलेअप्रयुक्त/कम उपयोग की खाली जमीन और गोदाम के वर्टिकल स्‍पेस का मोनेटाइजेशन शुरू कर दिया था। इस शुरुआती पहल ने हमारे निगम की वित्तीय स्थिति में वृद्धि की है। अब हम गालवॉल्यूम रूफिंग शीट, सीसी पेव्ड एरिया, पीईबी ग्रेड-ए वेअरहाउस का उपयोग करके लाइफ साइकिल कॉस्‍ट (एलसीसी) को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और एक बार में पूरा कॉम्प्लैक्स विकसित कर रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं में सुधार और स्‍तरीय अर्थव्यवस्था को प्राप्‍त करने के उद्देश्य से सेफ्टी ऑडिट और डब्‍ल्‍यूडीआरए पंजीकरण किया जा रहा है। संगठित संसाधन संग्रहण और 3M सिद्धांत (Measured & Monitored is Managed) का अनुसरण करके हमारे डिलीवरी मैनजमेंट (DM) में सुधार हुआ है।एसओपी और डीओपी द्वारा समर्थित हमारा सिस्टम-आधारित कामकाज जवाबदेही-जिम्मेदारी-पारदर्शिता (एआरटी) सुनिश्चित कर रहा है। हम ई-प्रोक्योरमेंट, ई-ऑफिस, बीटीएस, ई-पेमेंट गेटवे, टैली का डब्ल्यूएमएस के साथ एकीकरणऔर अन्य ई-टूल्स को अपनाने के साथ 100% डिजिटल सीपीएसई बन गए हैं। एकीकृत और सुरक्षित डिजिटल माहौल के लिए सशक्त ईआरपी सॉफ्टवेयर पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद द्वारा जनशक्ति योजना अध्ययन (मैनपावर प्लानिंग स्टडी) के अनुसार शीघ्र ही सही जनशक्ति (नियमित और आउटसोर्स) को लगाया जाएगा। मंत्रालय के अनुमोदन से (E0 से E-9) तथानिदेशक मंडल के अनुमोदन से समूह-गके कार्मिकों के वेतनमान की पुर्नसंरचना से हमारे निगम में अत्यधिक उच्च क्षमता वाले अनुभवी कार्मिक महत्वपूर्ण रूप से शामिल होंगे।
  • किसी भी सामान्य सेवा क्षेत्र जैसे- वेअरहाउसिंग की सफलता की कुंजी है ‘’आगे बढ़ो या मिट जाओ’’। जैसा कि कहा गया है, फोर्स, मास(x) एक्सलरेशन के बराबर होता है यानि आपकी गति (एक्सलरेशन) तभी बढ़ती है जब आप उस कार्य/वस्तु(मास) पर बल (फोर्स) डालते हैं। इसी कारण माननीय मंत्री महोदय ने 31 मार्च,2025 तक 10000 करोड़ रुपये का टर्नओवर, 300 लाख मीट्रिक टन क्षमता और प्रति कर्मचारी 3 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और कैबिनेट समिति ने सीआरडब्ल्यूसी के केंद्रीय भंडारण निगम में विलय को अनुमोदित कर दिया है। मैं एक बार पुन: आश्वस्त करता हूँ कि यदि हम 300 लाख मीट्रिक टन वेअरहाउसिंग क्षमता का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं तो हम पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे। ऐसी तीव्र वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध कार्मिक, सर्वश्रेष्ठ होने का उत्साह, कोर-कॉम्पीटेनसी-कमिटमेंट (3 सी) और न्यूनतम लॉजिसटिक्स लागत पर वेअरहाउसिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए कुछ भी कर सकने का जज्बा होना आवश्यक है।
  • मेरे लिए यह अत्‍यंत गर्व की बात है कि मैं लगभग 2500 कार्मिकों की मजबूत स्वत: प्रेरित टीम के प्रबंध निदेशक के रूप कार्य कर रहा हूं। मुझे आप सभी से निरंतर सहयोग और अच्‍छे परिणाम मिले हैं। मेरा सपना था कि मैं केंद्रीय भंडारण निगम/ सीआरडब्‍ल्‍यूसी को उत्‍कृष्‍ट गुणवत्ताओं वाली कंपनी बनाऊं। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि मंत्रालय द्वारा निगम के एमओयू निष्‍पादन को वर्ष 2018-19,2019-20 और 2020-21 (अनंतिम) के दौरान लगातार "अति उत्‍कृष्‍ट'' रेटिंग दी गई है और हम सभी किसी भी सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम कीभांति पीआरपी/पीएलआई, अनुलाभ एवं अन्‍य सुविधाएं प्राप्‍त कर रहे हैं।
  • अत: हमारा भी यह दायित्व है कि निदेशक मंडल और मंत्रालय जिन्होंने सदैव हमें उत्कृष्ट मार्गदर्शन दिया है और हम पर जो विश्‍वास जताया है, हम उसका सम्‍मान करें। हमें कुछ नया करना, एक्सपेरीमेंट करना, एक दूसरे के साथ विचार संचारित करना, पूर्वाग्रह रहित होना, बड़े सपने देखना, मार्गदर्शक की सुनना, हितधारकों और समाज के लिए प्रौद्योगिकीका प्रयोग करना होगा। याद रखें कि हम सभी अपने प्रत्यक्ष नियंत्रण के तहत अपनी सीट और क्षेत्र के प्रबंध निदेशक हैं। तो आइए हम समस्याकर्ता न बनकर उत्पादक, समस्या निवारक और निर्णयकर्ता की भूमिका निभाएं। हाल ही में भारत सरकार के एक कैबिनेट सचिव स्तर के बहुत बड़े अधिकारी ने हम सबसे कहा कि जब आप फाइल देखते हैं तो फाइल में अनावश्यक नोटिंग से बचें, कृपया देखें जैसी आदत को छोड़ें और निर्णय लेने के अधिकतम चार स्‍तर रखकर निर्णय लेने में तेजी लाएं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्‍नता हो रही है कि हमारा निगम पहले से ही फ्लैट/लिनियर स्ट्रक्चर के साथ इस प्रणाली का पालन कर रहा है।
  • तो आइए, शपथ लें कि हम माननीय उपभोक्‍ता मामले,खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री महोदय की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे। आइए हर्षोल्लास के साथ वर्ष 2022 और आगे भी उत्‍कृष्‍टता के अपने प्रयासों को जारी रखें।

जय हिंद

  • Around the year 2000, Infosys adopted the policy of Doing It All (DIA) by providing end to end services, right from starting stage of technology consulting to re-designing the client’s operation to strategy, writing IT system specification, developing, testing, installing necessary software applications, upgradation of IT infrastructure and at the end, Operation & Maintenance of software & hardware. By doing all, Infosys captured range of services of the client company. It resulted into Customer (Client) Value Creation (CVC) i.e., Client Company saved lots of money & time, achieved ease of doing business, became free from hassles of coordinating 5 to 6 vendors for one job. This in turn helped the client company to concentrate and develop core functions & products.
    CWC mostly does storage function which accounts for 70% of its operating turnover. We are also doing transportation, handling (receipt/issue) and inventory management for few depositors, but not for all commodities & clients (depositors). Many depositors of CWC are getting these services through outside labour & contractor. Cost of H&T in the supply chain logistics is about 60% of total logistics cost whereas storage cost is about 20%. Therefore, CWC is losing hugely, say, about Rs.1000 crore of turnover. We are also losing on account of supervision charges on handling, transportation, inventory management, Pest Control fumigation, disinfestation services, etc.
    CWC is mostly doing storage for FCI, NAFED, CCI, CMSS, State Civil Supplies Corporations, etc, but we are not doing handling (both at the time of receipt & dispatch) and transportation (to & from warehouse) and inventory management, for all depositors. These are varying from region to region. Thus, we are losing income from associated services, which others are doing from CWC campus, though the stock is stored in central warehouses. Therefore, all of us should study business profile of various depositors and their supply chain logistics. We should propose plans to take-up possible logistics function of depositors by following the concept of Do It All (Dia), for mutual benefits of all.
  • निगम के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी, सीडब्ल्यूसी, मिनी रत्‍न अनुसूची "ए" कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यग्रहण करना मेरे लिए अत्‍यंत गर्व का विषय है। यह निगम वर्ष 1957 से लगातार शेयरधारकों को लाभांश दे रहा है और अपने सुदृढ़ व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ यह अखिल भारतीय स्तर पर विविध सुविधाएं प्रदान कर रहा है तथा इसमें सक्षम एवं प्रतिबद्ध जनशक्ति है। वैज्ञानिक वेअरहाउसिंग के क्षेत्र में अपनी विशेष सक्षमता के साथ निगम भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर सेवाएं भी प्रदान कर रहा है। यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्‍मक सेवा क्षेत्र में काम कर रहा है जबकि वर्तमान स्थिति एकाधिकार से खुले बाजार की अर्थव्‍यवस्‍था में बदल रही है। वर्ष 2050 तक जिन वेअरहाउसिंग सुविधाओं की आवश्‍यकता होगी वह वर्ष 1950 से भिन्‍न होगी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की 31% आबादी की तुलना में वर्ष 2050 तक लगभग 60% आबादी शहरों में होगी और कई शहरों में आबादी 100% से अधिक हो जाएगी। भारत वर्ष 2050 तक जीडीपी (पीपीपी) के आधार पर दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने की कोशिश कर रहा है। हमारी लॉजिस्टिक लागत (जीडीपी का 13%) और लॉजिस्टिक परफॉर्मेन्‍स इंडैक्‍स (35) विकसित देशों की लॉजिस्टिक लागत (जीडीपी का 8%) की तुलना में अधिक है। किसानों की आय और लिक्विडिटी को बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि 58% आबादी अभी भी कृषि आय पर निर्भर करती है। वेअरहाउसिंग लॉजिस्टिक वेल्‍यू चेन का सबसे छोटा हिस्सा है, लेकिन यह सप्‍लाई चेन की अधिकतम अवधि के लिए वस्तुओं को जिम्‍मेदारी से स्टोर करता है। खाद्यान्‍न खरीद, भंडारण, परिवहन और वितरण की उच्च लॉजिस्टिक लागत को वहन नहीं कर सकता क्योंकि परिवहन के लिए मात्रा के अनुपात में वजन प्रतिकूल होता है और यह प्राइस सेंसिटिव वस्तु है। अत: निगम को कम लॉजिस्टिक लागत पर व्यापार और उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए स्‍वयं को तैयार रखना चाहिए।

    पिछले कुछ वर्षों से सीडब्ल्यूसी का टर्नओवर लगभग 1600 करोड़ रु रहा है, जिसमें वेअरहाउसिंग एवं बाजार सुविधा शुल्क का योगदान 85% है तथा शेष 15% सीएफएस/आईसीडी, सीआरटी, आईसीपी, पीसीएस, ब्याज और लाभांश आय से प्राप्‍त होता है। पिछले तीन वर्षों में गैर-परिचालित वेअरहाउसों में काफी मरम्मत होने के बाद वित्‍तीय वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में भंडारण स्‍थान की उपयोगिता में कुछ सुधार आया है। हमारा प्रयास सभी गोदामों को पूर्ण प्रचालनात्‍मक तथा विश्वस्तरीय बनाने का रहेगा, ताकि ये गोदाम कृषि उत्पाद, एफएमसीजी, औद्योगिक सामान, ई-कॉमर्स, खुले स्टॉक यार्ड, कोल्‍ड चेन (नियंत्रित वातावरण और तापमान), वितरण लॉजिस्टिक इत्यादि के भंडारण के लिए सरकार तथा निजी ग्राहकों की पहली पसंद बन सकें।

    सीडब्ल्यूसी को अधिक वेअरहाउसों, साइलोज़, मेज़नाइन फ्लोर, उच्च स्‍तरीय वेअरहाउस, पेरिशेबल कार्गो केंद्र, निजी फ्रेट टर्मिनल आदि को शामिल करते हुए दुर्लभ और महंगी भूमि तथा स्‍थान के बेहतर उपयोग के लिए व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ने की आवश्‍यकता है। सीडब्ल्यूसी को भारतमाला, सागरमाला, डेडिकेटिड फ्रेट कॉरीडोर तथा अन्‍य ग्रोथ ड्राइवर्स जैसे जीएसटी, प्राइमरी वेअरहाउसिंग हब, स्‍थान एवं सुविधा केंद्रों, डीएमआईसी एवं एकेएमआईसी, फ्रेट विलेज एवं अन्‍य एमएमएलपी, मैनुफैक्‍चरिंग थ्रस्‍ट (मेक-इन-इंडिया) के माध्‍यम से सृजित किए जा रहे परिवहन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर बड़ी मात्रा में पूंजी लगाने के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी भागीदारों विशेष रूप से, सरकारी संस्‍थाओं तथा पीएसयू (एयरपोर्ट, रेलवे, बंदरगाह और राजमार्ग) के साथ स्‍ट्रेटेजिक टाई-अप करने की आवश्‍यकता है ताकि वर्ष 2030 तक ई-कॉमर्स, एक्‍सपोर्ट आदि से जीडीपी में 30% से अधिक शेयर प्राप्‍त किया जा सके। घरेलू कार्गो, विशेषकर रेलवे और कोस्‍टल शिपिंग के विद्युतीकृत सेक्‍शन के तहत डबल स्टैक के छोटे कंटेनर द्वारा खाद्यान्‍न के परिवहन, पीईजीएस (लगभग 250 एलएमटी) आदि के तहत साइलोज़ और वेअरहाउस की स्थापना से वेअरहाउस स्थान, आकार और संख्या की पूरी गतिशीलता बदल जाएगी। सीडब्ल्यूसी को, अतिरिक्त वस्तुओं को भंडारण की ओर उन्मुख करने के लिए ग्राहक मूल्य सृजित आवश्‍यकताओं के अनुसार निरंतर बदलते परिदृश्‍य के साथ स्‍वयं को तैयार करना चाहिए।

    सीडब्ल्यूसी को ग्राहकों की सेवा/गुणवत्ता, समय और मूल्य संवेदनशीलता के अनुसार कार्य करने की आवश्‍यक‍ता है। हमें पेपरलेस ऑफिस कार्य के लिए ई-गवर्नेन्‍स, रियल टाइम डिस्‍ट्रीब्‍यूटिड डिसीज़न मेकिंग, डब्लूएमएस/डॉस, संभावित ग्राहकों को आकर्षित करने तथा भंडारण स्‍थान की ऑनलाइन बुकिंग, कार्गो की मशीनीकृत/स्वचालित हैंडलिंग इत्यादि के लिए डिजिटल मार्केटिंग (ग्राहकों की निरंतर वेब-आधारित विज़ीबिलिटी/मॉनीटरिंग) जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके सभी हितधारकों विशेष रूप से, कर्मचारियों और ग्राहकों की इक्विटी को सुनिश्चित कर सुधारना चाहिए।

    आइए, हम अपनी मूल सक्षमता और प्रतिबद्धता को विकसित करते हुए सीडब्‍ल्‍यूसी को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ मिलकर कार्य करने की शपथ लें। आइए, हम वेअरहाउसिंग सेक्टर में आने वाली बाधाओं को दूर करें और सीडब्ल्यूसी में उत्‍साह के साथ कार्य करते हुए देखें कि हम निगम के हित में क्‍या कर सकते हैं। आइए, हम सर्वोत्तम वेअरहाउसिंग सेवा प्रदाता बनने के लिए वर्ग भेद को समाप्‍त करते हुए प्रबंधन, संस्कृति, जनशक्ति, वित्तीय हित और प्रौद्योगिकी जैसी सभी शक्तियों को एक-साथ मिलाकर कार्य करें। आइए, हम अर्जुन की भांति अपने ग्राहकों और एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण इकॉनोमिक डिनोमिनेटर "प्रति टन भंडारण लाभ" पर ध्‍यान केंद्रित करें तथा ‘जन-जन के लिए भंडारण’ को वास्‍तव में सार्थक बनाएं।
  • 1. मैं आप सभी को 72वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आइए, अब हम इस राष्ट्रीय पर्व के महत्व का सम्मान करने का संकल्प लें, अपनी क्षमता के अनुसार राष्ट्र, समाज एवं सीडब्ल्यूसी की सेवा करें, देश के कानून का सम्मान करें, सशक्तिकरण, कर्तव्य एवं जिम्मेदारी के अनुसार कार्य करें।
    2. आज, हमने ई-कैलेंडर 2021 जारी किया है। यह एक और डिजिटल मील का पत्थर है। इसे गहन अध्ययन के पश्चात तैयार किया गया है। मैं श्री ए.एम. राव, समूह महाप्रबंधक (कार्मिक और प्रणाली) और कार्मिक एवं एमआईएस विभाग के सभी कार्मिकों को उनके बेहतरीन प्रयास और नवीन विचार के लिए बधाई देता हूं, जिनका उद्देश्य वृक्षों/पर्यावरण को बचाना से अभिप्रेरित है। हम आने वाले दिनों में आपके सुझावों से इसमें और सुधार करेंगे। यह एक डाइनैमिक ई-कैलेंडर होगा, जिसे ग्राहकों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों से शेयर किया जाएगा।
    3. आज, हमने खाली जमीन के वैकल्पिक उपयोग पर रणनीतिक पहल, यानी पहली बार विचार विमर्श शुरू किया है। याद रखें अगर हमनें इस दुर्लभ और महंगी खाली जमीन का बेहतरीन व्यावसायिक उपयोग नहीं किया तो केंद्र सरकार इस भूमि का मौद्रिकरण भूमि का मुद्रीकरण करेगी जिससे निगम को भारी वित्तीय नुकसान होगा। हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा नहीं तो हम भी पुराने जमींदारों की तरह समाप्त हो जाएंगे। इस स्तर पर, मैं महाप्रबंधक (वाणिज्यिक) श्री सैमुएल प्रवीण कुमार को निगम के विकास के प्रति उनकी सक्रिय विचारों के लिए बधाई देना चाहूँगा।
    4. मैं आपके साथ आईआईटी दिल्ली-1985 का संस्मरण साझा करता हूं। स्वर्गीय डॉ. (प्रो.) कृष्णमूर्ति ने कक्षा में सभी 25 छात्रों को "प्लास्टिक सामग्री के वैकल्पिक उपयोग" परियोजना के साथ, विचार-मंथन करने के लिए प्लास्टिक और पोस्टकार्ड का एक टुकड़ा दिया। मेरे सहपाठियों ने शर्ट के छोटे बटन से लेकर मनुष्य की रॉकेट यात्रा तक अनेक विकल्प दिए।
    5. ये कोई बेतुका विचार भी हो सकता है लेकिन आप अपनी कल्पना को रोकें नहीं । सकारात्मक रहें। किसी की आलोचना न करें न ही दूसरों पर हँसे। अपने विचारों को बाँधें नहीं। सभी समस्याओं के एक से अधिक समाधान होते हैं। बस अपने विचारों को संक्षेप में लिखें और साझा करें और उस पर खुलकर चर्चा करें। अंतिम विचार-मंथन सत्र के दौरान संभावित समाधान, यानी कार्यान्वयन योग्य समाधान तक सीमित रहें।
    6. प्रत्येक विचार-मंथन सत्र के अंत में, आपको एक्शन नोट/बिंदु लेने चाहिए। याद रखें, योजनाएं तब तक कागज का टुकड़ा होती हैं, जब तक यह कठिन परिणामों में नहीं बदलती। निगम का भविष्य आपके सार्थक/सुविचारित कार्य में निहित है। पहली बार ही अवसर का लाभ उठायें को पकड़ें और इसे निगम के विविध व्यवसायिक प्रोफ़ाइल और कार्य के अनुरूप बनाएं।
    7. याद रखें, "आप सभी अपनी साइट, सेंट्रल वेअरहाउस, क्षेत्रीय कार्यालय के प्रबंध निदेशक हैं"। आपको गर्व और स्वामित्व होना चाहिए। आपको सोचना चाहिए कि यह आपका निगम है। साथियों, यह सब मस्तिष्क का खेल है कि आप माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना चाहते हैं या नहीं।
    8. अंत में, मैं इस पहले विचार-मंथन सत्र की शानदार सफलता की कामना करता हूं। आपकी टीम के प्रमुख श्री सैमुअल प्रवीण कुमार ने एक सुंदर टैगलाइन ‘ब्रेन फॉर बिजनेस ऑफ द ब्रेनहाउस ऑफ सीडब्ल्यूसी’ को चुना है।
    9. प्रिय प्रवीण, सीडब्ल्यूसी को एक जीवंत, ऊर्जावान और आनंदमय निगम बनाने के लिए मैं व्यक्तिगत रूप से आपको धन्यवाद करता हूं।
फुटर मेनू